पुराना से पुराना लकवा का इलाज | Lakwa Ka Ilaj in Hindi

पुराना से पुराना लकवा का इलाज – लकवा एक गंभीर बीमारी है जो किसी भी उम्र के लोगो को हो सकता है। लकवा होने पर शरीर का अंग काम करना बंद या आधा हिस्सा काम करता है। चेहरे पर लकवा होने से मुंह आधा टेढ़ा हो जाता है और बोलने में दिक्कत होती है या रोगी हकलाने लगता है।

लकवाग्रस्त शरीर होने पर बीमार व्यक्ति को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आज के इस पोस्ट में हम इस बीमारी के लक्षण, प्रकार और बचाव पर विस्तार से जानेंगे। साथ ही हम ये जानने की भी कोशिश करेंगे कि 10 साल पुराना लकवा का इलाज कैसे किया जा सकता है।

लकवा क्या है – What is Paralysis in Hindi

Lakwa Ka Ilaj Paralysis Treatment Hindi

लकवा को पैरालिसिस या पक्षाघात भी कहा जाता है। जब मस्तिष्क और मांसपेशियों के बीच ठीक तरह से सूचना का आदान-प्रदान न होने से लकवा होने का खतरा होता है। लकवा शरीर के एक अंग या पूरे शरीर में हो सकता है। लकवा से ग्रसित मरीज अपनी एक या ज्यादा मांसपेशियों को हिलाने और काम करने में असमर्थ हो जाता है।

आहार और दिनचर्या में बदलाव करके लकवा के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति में लकवा स्थायी हो चुका है तो ठीक करना मुस्किल हो जाता है। इस स्थित में मरीज को कुछ मशीनी उपकरणों द्वारा उसके जीवन को आसान बनाने का प्रयास किया जाता है।

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लकवा के प्रकार – Types of Paralysis in Hindi

लकवा मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं –

  1. मोनोप्लेजिया (monoplegia) – इस प्रकार के लकवे में शरीर का केवल एक अंग प्रभावित होता है।
  2. हेमीप्लेजिया (hemiplegia) – इस पेरालिसिस में शरीर के एक तरफ का हाथ और पैर लकवाग्रस्त होते हैं।
  3. पैराप्लेजिया (paraplegia) – कमर से नीचे के अंग लकवाग्रस्त होने को पैरापलेजिया लकवा कहा जाता है। इस रोगी के दोनों पैर प्रभावित होते हैं।
  4. टेट्राप्लेजिया (tetraplegia) – इसमें व्यक्ति के शरीर की दोनों बांह और दोनों पैर लकवाग्रस्त होते हैं।

लकवा के लक्षण – Symptoms of Paralysis in Hindi

लकवा के लक्षण कुछ इस प्रकार से हो सकते हैं-

  • चेहरे का टेड़ा होना।
  • सांस लेने में कठिनाई होना
  • बोलने में दिक्कत होना या हकलाना।
  • मांसपेशियां कमजोर होना।
  • लकवाग्रस्त हिस्से में दर्द होना।

लकवा के कारण – Causes of Paralysis in Hindi

लकवा के कारण कई हो सकते हैं जैसे –

  • हाई ब्लड प्रेशर।
  • कोलेस्ट्रोल का बढ़ना।
  • खून में थक्का जमा होना।
  • हड्डी या पीठ और सिर में गहरी चोट।
  • पोलियो इंफेक्शन।

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पुराना से पुराना लकवा का इलाज – Paralysis Treatment in Hindi

लकवा के कारण मुंह, होंठ या संबंधित अंग टेढ़े हो जाते हैं। अपने आहार और दिनचर्या में बदलाव से भी लकवा के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। तो चलिए जानते हैं कि लकवा के मरीज क्या क्या घरेलू उपाय कर सकते हैं।

1.) पुराना से पुराना लकवा का इलाज है करेला

करेला खाने में भले ही कड़वा होता है लेकिन इसके अनेकों फायदे होते हैं। लकवा से प्रभावित अंगों में जल्दी सुधार करने में करेला लाभदायक होता है। इसके लिए रोगी को रोजाना करेले की सब्जी या करेले का जूस दे सकते हैं।

2.) लकवा का देसी इलाज है प्याज

प्याज न सिर्फ खाने का स्वाद बढाता है बल्कि इसकों खाने से शरीर को कई स्वास्थवर्धक लाभ होते हैं। लकवा से प्रभावित अंगों को ठीक करने के लिए प्याज का इस्तेमाल किया जा सकता है।

नियमित रूप से प्याज खाने से या प्याज का रस का सेवन करने से लकवा रोगी जल्दी ठीक हो जाता है।
(और पढ़ें – प्याज खाने के फायदे)

3.) 10 साल पुराना लकवा का इलाज है लहसुन

लहसुन का इस्तेमाल सदियों से हर भारतीय रसोई में किया जाता है। आयुर्वेद में लहसुन का इस्तेमाल एक औषधि के रूप में भी किया जाता है। लकवा से छुटकारा पाने के लिए लहसुन बहुत असरदार मानी जाती है।

इसके लिए 6 कली लहसुन को पीसकर उसमे 1 चम्मच मक्खन में मिलाकर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को रोजाना सेवन करने से आपका लकवा ठीक हो जाएगा।
(और पढ़ें – लहसुन खाने के फायदे)

4.) लकवा का देसी इलाज है सौंठ और उड़द

पुराना से पुराना लकवा का इलाज में सौंठ और उड़द का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए सौंठ और उड़द पीनी में डालकर उबाल ले। ठंडा होने के बाद इसे छानकर पिएं। इस प्रक्रिया को रोजाना करने से लकवे में काफी सुधार होता है।

5.) पुराना से पुराना लकवा का इलाज है तुलसी

तुलसी एक औषधीय पौधा है जो कई बीमारियों को दूर करने में भी सक्षम होता है। पुराना से पुराना लकवा का इलाज में तुलसी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए तुलसी के पत्ते, दही और सेंधा नमक को अच्छे से मिला लीजिये। अब इस लेप को लकवा से प्रभावित अंगों पर लगाने से आराम मिलता है।

इसके अलावा पानी में तुलसी के पत्तों को डालकर उबा लीजिये। अब इसका भाप लकवा से प्रभावित अंगों पर लेने से जल्द ही सुधार होने लगता है।
(और पढ़ें – तुलसी के फायदे)

6.) लकवा का घरेलू उपचार है सरसो का तेल

भारत में सरसों का तेल भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला तेल है। शरीर पर सरसों का तेल लगाने से कई जबरदस्त फायदे होते हैं साथ ही लकवा को ठीक करने के लिए भी लाभकारी होता है।

इसके लिए आधा लीटर सरसों के तेल में 50 ग्राम लहसुन डालकर गर्म कर लें। ठंडा होने के बाद तेल को छानकर किसी डिब्बे में भर लें। अब इस तेल से लकवा ग्रस्ति अंगों पर मालिश करें।

7.) 10 साल पुराना लकवा का इलाज है काली मिर्च

काली मिर्च में कई औषधीय गुण मौजूद होते है जो कई बीमारियों को ठीक करने में कारगर होती हैं। लकवा ग्रस्ति अंगों को ठीक करने के लिए भी काली मिर्च का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसके लिए एक चम्मच काली मिर्च को पीसकर उसमें तीन चम्मच घी में मिलाकर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को लकवा ग्रस्ति अंगों पर लगाकर मालिश करें।
(और पढ़ें – काली मिर्च के फायदे)

8.) लकवा का घरेलू उपाय है दूध और छुहारा

पुराना से पुराना लकवा का इलाज में दूध और छुहारा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए रोजाना 1 गिलास दूध में 4 छोहारा भिगोकर खाने से लकवा ग्रसित रोगी की तबियत अच्छी होने लगती है।

9.) लकवा का घरेलू उपचार है अदरक

अदरक के औषधीय गुण पुराना से पुराना लकवा का इलाज में कारगर माने जाते हैं। इसके लिए पिसी हुई 5 ग्राम अदरक, 10 ग्राम काली उड़द दाल को 50 ग्राम सरसों के तेल में मिलाकर गर्म कर लें और इसमें 2 ग्राम पिसे हुए कपूर मिला दे। अब इस लेप को रोजाना लकवा से प्रभावित अंगों पर लगाने से जबरदस्त फायदा मिलता है।
(और पढ़ें – अदरक के फायदे)

10.) पुराना से पुराना लकवा का इलाज है कलौंजी के तेल

पैरालिसिस के उपचार में कलौंजी के तेल बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसके लिए कलौंजी के तेल को हल्का गुनगुना कर के लकवा से प्रभावित अगों पर मालिश करने से लकवे में काफी सुधार होता है।
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लकवा से सम्बंधित प्रश्न-उत्तर

लकवा कितने दिन में ठीक होता है?

लकवा ठीक होने का कोई निर्धारित समय नही होता है। यह डॉक्टर्स द्वारा बताये गए दिशा निर्देश और मरीज के स्वास्थ पर निर्भर करता है। डॉक्टर के अनुसार लकवा आने के दो से तीन दिन में रोगी में सुधार शुरू हो जाता है और छह महीने मे पूरी तरह ठीक हो सकता है।

लकवा किस कमी से होता है?

जब शरीर में विटामिन बी-12 और बी कॉम्प्लेक्स की कमी हो जाती है तब लकवा हो सकता है। इसके अलावा भी लकवा होने के कई कारण हो सकते हैं।

लकवा कितने प्रकार का होता है?

लकवा के मुख्य रूप से 4 प्रकार के होते हैं मोनोप्लेजिया, हेमिप्लेजिया, पैराप्लेजिया और क्वाड्रिप्लेजिया।

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निष्कर्ष

मुझे उम्मीद है आपको यह पोस्ट पुराना से पुराना लकवा का इलाज (Lakwa Ka Ilaj in Hindi) जरुर पसदं आया होगा। यह पोस्ट केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए हैं। यहाँ पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ के उपचार हेतु बिना डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह के न करें।

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5 thoughts on “पुराना से पुराना लकवा का इलाज | Lakwa Ka Ilaj in Hindi”

  1. My wife is paralysed since 4 years and 4 moths of left side
    Any ayurvdik medicine is not
    Suitable
    What suggestion you will give for
    Domestic medicine

    Reply
    • 300gram chheela huwa lahsun
      25 garm kalaunji
      25 gram safed til
      25gram methi
      25gram ajwain
      25 gram alsi

      Sabko mixer me pees ke saaye me sukha ke asli ghee me bhoon le
      Subah sham ek ek chamach khilyayen
      Aur lahsun ko dheemi aanch par til ke tail me paka kar wahi tail malish karen
      Agar lahsun ka tail nahi banana ho to kalaunji ke tail ki malish kar sakte hain

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  2. Mera beta hi jis ki umar 7yr hi
    Wo abhi tak na baat krta hi aur na chalta hi
    Aur uske hath aur pairon(legs) me stiffness hi
    Uske hathon ki pakadh sahi nhi hi
    Plz suggest some treatment

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  3. Plz help me🙏😭🙏😭 paralyze ho gya hai. Teen bachche hai. Ab koi nhi kamane wala. Plz meri madat kro🙏🙏🙏🙏

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  4. Sir muje 5 sal phle brain hamrage ho gya tha … Operation hua theek hui pr right side ka lakwa mar gya theek nhi ho rha kya kru

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