खासी के आसान उपाय और देशी नुख्से

खांसी एक ऐसे बीमारी है जिसकी वजह हो सकती है गले में कफ, सास कि नाली और फेफड़े में इन्फेक्शन.खांसी ज्यादातर दो तरह कि होती है बलगम वाली खांसी जिसे लोग कफ वाली खासी बोलते है और एक होती है सूखी खांसी. खांसी के छुटकारा पाने के लिए बाजार में कई प्रकार की दवाइयां आती है. लेकिन बिना डॉक्टर के परमर्स से कोई दवाई नहीं लेना चाहिए. कुछ ऐसे घरेलु नुख्से है जिन्हें इस्तेमाल कर सभी तरह कि खासी से छुटकारा मिल सकता है चाहे वह बच्चों की खासी हो या फिर बुढो की. आज इस पोस्ट में हम पढेंगे सूखी और कफ वाली खासी को ठीक करने के लिए कौन कौन से घरेलु नुख्से है.

khansi ka ilaj in hindi

खासी को ठीक करने के घरेलू उपाय – Khansi ka ilaj Gharelu Upay aur Desi Nuskhe

  1. छोटा सा अदरक का टुकड़े को मुह में डालकर कुछ देर तक चूसते रहे खासी से आराम मिलेगा.
  2. एक-एक चम्मच पान और अदरक का रस लेकर इसमें गुड या शहद मिला लीजिये अब इस मिश्रण को हल्का गर्म कर खाने से खासी आना बंद हो जायेगा. खासी जल्दी ठीक करने के लिए यह रामबाण है.
  3. आनार के रस को थोडा सा गर्म करके पीने से खासी से छुटकारा मिलता है.
  4. 2-4 दाने काली मिर्च के मुह में डालकर चूसने से खासी में आराम मिलता है.
  5. शहद खासी को ठीक करने के लिए फायदेमंद है इसे बच्चे और बूढ़े दोने ले सकते है. दिन में तीन बार (सुबह, दोपहर,शाम) लेने से खासी ठीक हो जाएगी.
  6. यदि आधा चम्मच शहद में एक चौथाई डाल चीनी पावडर मिलकर खाने से खासी ठीक होती है.
  7. चाय में तुलसी के पत्ते डालकर पीने से भी खासी में आराम मिलेगा और यदि रात में खासी आ रही है तो मुह में लौंग रखकर चवाने से खासी चली जाएगी.
  8. यदि गले में कफ जमा हो और गला सूजा हो तो गुनगुना पानी पीजिये. गले कि सूजन और बलगम दोनों दूर हो जाएगी.
  9. आधा-आधा चम्मच शहद और प्याज कर रस पीने से खासी दूर हो जाती है.
  10. यदि सूखी खासी आ रही हो तो तुलसी, अदरक और काली मिर्च वाला काढ़ा पीजिये. बेसन का हलवा जो देसी खी से बना हो खाने से खासी में आराम मिलता है.

खासी आने का कारण क्या है – Causes of Cough in Hindi

  • मौसम में बदलाव आना
  • धुम्रपान अधिक करना.
  • धूल- मिट्टी वाले वातावरण में रहने से.
  • गले और फेफड़े में कैंसर के कारण.
  • सर्दी इन्फेक्शन से.
  • टी.वी. या कोई गंभीर बीमारी के कारण.

खासी में परहेज करना चाहिए – Food to Avoid During Cough

  • खासी आये तो दही, केला चावल नहीं खाना चाहिए.
  • तला हुआ और ज्यादा मसाले दारे खाने से दूरी बनाकर रखे.
  • कोल्ड्रिंक और ज्यादा ठाडा पानी नहीं पीना चाहिए.
  • कुछ गर्म चीज खाकर तुरंत ठंडी चीज नहीं पीजिये.

खांसी के प्रकार – Types of Cough in Hindi

  1. तेज खांसी (Acute cough) – ये खांसी अचानक हो जाती है और इसका असर 3 सप्ताह तक बना रहता है.
  2. सामान्य खांसी (Subacute cough) – ये खांसी 3-8 सप्ताह तक बनी रहती है.
  3. जीर्ण (पुरानी) खांसी (Chronic cough) – इस खांसी का असर 8 सप्ताह तक बना रहता है.
  4. बलगम वाली खांसी (Productive cough) – इस प्रकार की खांसी में कफ और बलगम निकलता है.
  5. सूखी खांसी (Dry cough) – इस खांसी के होने से मुख सूखने लगता है और इसमें कफ या बलगम नहीं आता है.
  6. रात में होने वाली खांसी (Nocturnal cough) – यह खांसी केवल रात के समय ही होती है.

कफ वाली खांसी दूर करने का तरीका – Balgam Wali Khansi Ka Desi Ilaj

यदि गले और फेफड़े में कफ जमा हो जाये तो खासे के समस्या और गला बैठने लगता है. कुछ देसी नुख्से अपनाकर कफ वाली खासी को आसानी से ठीक किया जा सकता है.

  • गर्म दूध के सेवन से कफ वाली खासी से छुटकारा पाया जा सकता है.
  • सूखा अवला और मुठेली को पीसकर एक मिश्रण बना लीजिये. अब इस मिश्रण को एक चम्मच सुबह खाली पेट खाने से छाती में जमा कफ साफ हो जायेगा.
    अदरक का एक छोटा टुकड़ा छीलकर मुह रखकर चूसने से कफ निकल जाता है और गला साफ़ हो जाता है.
  • एक बड़े बर्तन में पानी डालकर  इसे उबाल लें और इसका भाप गले में लें. जिससे आपके गले की सिकाई होगी और गले में जमा हुआ कफ ख़त्म हो जाएगा.
  • गला बैठने के देसी उपाय के लिए सुबह सुबह सौंफ चबाए इससे गले की खराश से छुटकारा मिलता है और बंद गला खुल जाता है.

मुझे उम्मीद है आपको ये पोस्ट कफ वाली खांसी दूर करने का उपाय (khasi ki dawa – Gharelu Nukhshe) जरुर पसंद आया होगा. यदि आपके पास balghami khansi ka ilaj करने के कोई और तरीके है तो हमारेसाथ शेयर कर सकते हैं.इस पोस्ट को अपने दोस्तों और रिश्तेदार के साथ में शेयर करें जिससे बलगम वाली खांसी देसी नुख्से की जानकारी होगी.

About Vijay Singraul

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