अश्वगंधा के फायदे और नुकसान | Ashwagandha Ke Fayde

आयुर्वेदिक की दुनिया में अश्वगंधा एक ऐसी रामबाण दवाई है जो तरह तरह के रोगों को ठीक करने के लिए उपयोग में लायी जाती है.अश्वागंघा कैप्सूल पाउडर, तेल के रूप में मार्केट में बिकता है जिसे आप पंसारी या पतंजलि की दुकान से ले सकते है. वजन और लम्बाई बढ़ने के लिए अश्वगंधा बहुत लाभदायक है. शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अश्वागंघा को शतावरी के रूप में लेना चाहिए. इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें और जाने कि अश्वगंधा को कब और कैसे ले तथा यह किस प्रकार से काम करता है.

अश्वगंधा एक बहु-चर्चित नाम है जिसका इस्तेमाल कई सौ सालो से हो आ रहा है. इसीलिए इसका नाम एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदि औषधि के रूप में लिया जाता है.अश्वगंधा दो शब्द अश्व और गंध से मिलकर बना है. अश्वगंधा की जड़ और पत्तो से घोड़े का मूत्र और पसीने जैसी दुर्गन्ध आती है इसीलिए इसका नाम अश्वगंधा रखा गया. और बड़े – बड़े आयुर्वेदि योगुरुयों ने भी ये दावा किया है की अश्वगंधा का सेवन करने से घोड़े जैसी ताकत मिलती है.

अश्वगंधा क्या है – What is Ashwagandha in Hindi

ashwagandha advantages and disadvantages in hindi


अश्वगंधा एक औषधीय जड़ी-बूटी है, इस जड़ी-बूटी के द्वारा अश्वगंधा चूर्ण, पाउडर और कैप्सूल बनाया जाता है.अश्वगंधा सिस्तेमाल प्राचीन काल से चला आ रहा है जिससे कई स्वस्थ लाभ होते हैं. अलग-अलग देशों में अश्‍वगंधा के कई प्रजातियाँ पाई जाती हैं,इसकी पहचान करने के लिए अश्वगंधा पौधों को मसलने पर घोड़े के पेशाब जैसी महक आती है. इसका पौधे की लम्बाई लगभग 35-75 सेमी होता है. सूखे इलाकों में अश्वगंधा की ज्यादा खेती होती है.

भारत में अश्वगंधा की खेती मध्यप्रदेश, पंजाब, राजस्थान व गुजरात राज्य में की जाती है.वन में पाए जाने वाले पौधों की अपेक्षा में खेती द्वारा उगाए जाने वाले अश्‍वगंधा के पौधों की गुणवत्‍ता ज्यादा अच्‍छी होती है. लेकिन वनों में पाया जाने वाला अश्‍वगंधा का पौधा से तेल ज्यादा मात्रा में निकलता है.

अश्वगंधा चूर्ण के फायदे – Ashwagandha Ke Fayde

  1. अश्वगंधा के सेवेन से महिलायों की प्रजनन क्षमता बढती है और यदि कोई महिला अपने ब्रेस्ट का साइज बढ़ाना चाहती है तो उन्हें अश्वगंधा का सेवन करना चाहिए.
  2. पुरुषो के लिए भी लाभकारी है अश्वगंधा के सेवन से जैसे कि प्रजनन क्षमता बढ़ना, शुक्राणुओं की संख्या बढ़ना, शरीर में जोश आना, रोग प्रतिरोग क्षमता बढ़ना इसके साथ ही जो लोग अनिद्रा के कारण परेशान रहते है उन्हें अच्छी नीद भी आती है.
  3. वजन बढाने के लिए अश्वगंधा सतावरी और मिश्री को बराबर बराबर में अच्छी तरह मिलाकर रात में सोने से पहले एक चम्मच पाउडर को खा लीजिये और फिर दूध पी लियेजिये इसके ऊपर से. ऐसा लगभग एक महीने तक कीजिये बजन बढ़ने लगेगा.
  4. लम्बाई बढाने के लिए अश्वगंधा रामबाण है. एक गिलास दूध में एक चम्मच अश्वगंधा पाउडर मिलाइए और इसे पी जाइये. इस उपाय को 30-40 दिनों तक रोजाना कीजिये, लम्बाई बढ़ जाएगी.
  5. आँखों की रौशनी बढाने के लिए अश्वगंधा असरदार साबित होता है. अश्वगंधा, आवला तथा मुठेली को मिलाकर इस मिश्रण को रोजाना एक चम्मच लीजिये.
  6. शरीर में फोड़े – फुंसी होने पर अश्वगंधा की पत्तियों को पीसकर लगाने से तुरंत राहत मिलती है.
  7. टीवी के रोगियों को ठीक करने के लिए अश्वगंधा बहुत फायदेमंद सिध्द साबित होती है क्योंकि इसके सेवन से शरीर में आयरन की मात्रा बढती है.
  8. कैंसर पीड़ित रोगियों को अश्वगंधा का सेवन करना चाहिए क्योंकि यह कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है.
  9. बाल झड़ने के दो प्रमुख कारण हो सकते हैं आनुवंशिक कारण और थाइरायड.अश्वगंधा का सेवन करने से बालों का मेलेनेन बढ़ जाता है जिससे बाल गिरने की समस्या कम होने लगती है.
  10. अश्वगंधा का सेवन करने से मांसपेशियां मजबूत होती है. इसके अलावा दिमाग और मांसपेशियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद करता है. और यही कारण है कि जिम जाने वाले लोग और अखाड़े में अभ्यास करने वाले पहलवान भी अश्वगंधा का सेवन करते हैं.
  11. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए अश्वगंधा बहुत लाभकारी है.रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ने पर शरीर छोटे-मोटे रोगों से खुद ही निपट लेता है और आप जल्दी बीमार नहीं पड़ते.
  12. डायबिटीज रोगियों को आयुर्वेदिक औषधि अश्वगंधा का सेवन करने करना चाहिए. अश्वगंधा में मौजूद हाइपोग्लाइमिक प्रभाव, ग्लूकोज की मात्रा को कम करने में मदद करता है जिससे डायबिटीज या शुगर नियंत्रित रहता है.
  13. अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करता है. इसके साथ ही यह एचडीएल (अच्छे कोलेस्ट्रॉल) की मात्रा को बढ़ाने में लाभकारी होता है.
  14. हृदय को स्वस्थ रखने में अश्वगंधा आसरदार होता है.अश्वगंधा में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-एपोप्टोटिक तत्त्व मौजूद होते है, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर रखने में लाभकारी होते हैं.
  15. अश्वगंधा में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण पाये जाते है जो लिवर की गर्मी दूर करने में मदद करते है.रात में सोने से पहले दूध के साथ अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करने से लिवर में सूजन को ठीक किया जा सकता है.

अश्वगंधा चूर्ण के नुकसान – Ashwangandha Side Effects in Hindi

  1. अश्वगंधा के अत्यधिक सेवन से शरीर में तरह- तरह के बदलाव देखने को मिलते है, यदि शारीर का तापमान बढ़ता है या बुखार आता है तो इसका सेवन बंद कर देना चाहिए और यदि कुछ ज्यादा परेशानी होती है तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए.
  2. बहुत ज्यादा समय तक अश्वगंधा खाने से दूसरी दवाइया असर नहीं करती. ऐसे में फिर यदि कोई बीमारी हो जाती है तो उसका इलाज जल्दी नहीं हो पाता.
  3. ज्यादा अश्वगंधा खाने से पे में समस्या होने लगती है जैसे कि पेट में गैस कि समस्या, उल्टी आना और दस्त लगना.
  4. नीद नहीं आने कि समस्या को अश्वगंधा दूर करता है लेकिन यदि इसका अधिक सेवन किया जाये तो या तो ज्यादा नीद आएगी या फिर नीद न आना जैसी समस्या खडी हो जाएगी.
  5. शुगर, ब्लड प्रेशर, गठियां सबंधित रोगियों को इसका ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए.

अश्वगंधा चूर्ण का सेवन कैसे करे – How to Use Ashwagandha in Hindi

अश्वगंधा का सेवन कैसे करें यह जानने के पहले अश्वगंधा का कितनी मात्रा में सेवन करना चाहिए, इसकी जानकारी होना बहुत अवशयक है। बाजार में अश्वगंधा विभिन्न रूपों में मिलता है जैसे पावडर या चूर्ण, कैप्सूल, ड्रिंक्स, चाय, और टिन्चर. अश्वगंधा चूर्ण को शहद, पानी या फिर घी में मिलाकर सेवन कर सकते हैं.

यदि आप इसको कैप्सूल के रूप में लेना चाहते हैं तो प्रतिदिन विटामिन या नेचुरल सप्लीमेंट की तरह खा सकते हैं.अश्वगंधा की खुराक प्रत्येक व्यक्ति की उम्र, सेहत, वजन,समस्या व अन्य कारणों पर निर्भर करती है। इसलिए,इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरुर ले.इसके अलावा, बाजार में मिलने वाले अश्वगंधा सप्लीमेंट्स के पैकेट पर सेवन करने के निर्देश लिखे रहते है उसका भी पालन करें.अश्वगंधा के सही फायदा पाने के लिए और नुकसान से बचने के लिए किसी विशेषज्ञ की परामर्श जरुर लेना चाहिए.

  • जड़ का चूर्ण – 2-4 ग्राम
  • काढ़ा – 10-30 मिलीग्राम

FAQs – Ashwagandha in Hindi

क्या अश्वगंधा से वजन बढ़ता है?

हाँ, अश्वगंधा एक आयुर्वेदिक दवा है जिसको रोजाना सुबह शाम 5 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण को गर्म दूध के साथ पीने से वजन बढ़ता है.

अश्वगंधा की तासीर क्या होती है?

अश्वगंधा की तासीर काफी गर्म होती है. इसलिए इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से गैस, उलटी, दस्त, ज्यादा नींद आना जैसी समस्या हो सकती है.

अश्वगंधा की कीमत कितनी है?

अश्वगंधा को आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह से खरीद सकते हैं.1 पैक पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल की 50 रूपये है. इसके अलावा 100 ग्राम बैद्यनाथ अश्वगंधा चूर्ण की कीमत 150 रूपये है.

अश्वगंधा कौन से मौसम में खाना चाहिए?

अश्वगंधा का सेवन किसी भी मौसम में किया जा सकता है.लेकिन सर्दियों में सही तरह से इसका सेवन करने से अतिरिक्त लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं जैसे सर्दियों में ठंड नहीं सताती ,घोड़े जैसी स्फूर्ति और ताकत आती है.

अश्वगंधा तेल कैसे इस्तेमाल करें?

अश्वगंधा तेल से मालिस करने से अनिद्रा, कमजोरी दूर होती है. अनिद्रा और कमजोरी को दूर करने के लिए अश्वगंधा के तेल बहुत फायदेमंद होता है.

निष्कर्ष

मुझे उम्मीद है आपको यह पोस्ट अश्वगंधा के फायदे और नुकसान (Ashwagandha Ke Fayde in Hindi) जरुर पसंद आई होगी. यदि आपके मन में इस पोस्ट से जुड़े कोई सवाल या सुझाव है तो नीचे कमेंट कर सकते हैं.इस अलावा इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर भी शेयर करने जिससे अन्य लोगो को होम्योपैथिक अश्वगंधा के फायदे के बारे में सही जानकारी मिलेगी.

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