अश्वगंधा चूर्ण का सेवन कैसे करें और इसके फायदे तथा नुकसान

आयुर्वेदिक की दुनिया में अश्वगंधा एक ऐसी रामबाण दवाई है जो तरह तरह के रोगों को ठीक करने के लिए उपयोग में लायी जाती है.अश्वागंघा कैप्सूल पाउडर, तेल के रूप में मार्केट में बिकता है जिसे आप पंसारी या पतंजलि की दुकान से ले सकते है. वजन और लम्बाई बढ़ने के लिए अश्वगंधा बहुत लाभदायक है. शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अश्वागंघा को शतावरी के रूप में लेना चाहिए. इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें और जाने कि अश्वगंधा को कब और कैसे ले तथा यह किस प्रकार से काम करता है.

अश्वगंधा एक बहु-चर्चित नाम है जिसका इस्तेमाल कई सौ सालो से हो आ रहा है. इसीलिए इसका नाम एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदि औषधि के रूप में लिया जाता है.अश्वगंधा दो शब्द अश्व और गंध से मिलकर बना है. अश्वगंधा की जड़ और पत्तो से घोड़े का मूत्र और पसीने जैसी दुर्गन्ध आती है इसीलिए इसका नाम अश्वगंधा रखा गया. और बड़े – बड़े आयुर्वेदि योगुरुयों ने भी ये दावा किया है की अश्वगंधा का सेवन करने से घोड़े जैसी ताकत मिलती है.

ashwagandha advantages and disadvantages in hindi

अश्वगंधा चूर्ण के फायदे – Ashwangandha Powder Benefits in Hindi

  1. अश्वगंधा के सेवेन से महिलायों की प्रजनन क्षमता बढती है और यदि कोई महिला अपने ब्रेस्ट का साइज बढ़ाना चाहती है तो उन्हें अश्वगंधा का सेवन करना चाहिए.
  2. पुरुषो के लिए भी लाभकारी है अश्वगंधा के सेवन से जैसे कि प्रजनन क्षमता बढ़ना, शुक्राणुओं की संख्या बढ़ना, शरीर में जोश आना, रोग प्रतिरोग क्षमता बढ़ना इसके साथ ही जो लोग अनिद्रा के कारण परेशान रहते है उन्हें अच्छी नीद भी आती है.
  3. वजन बढ़ने के लिए अश्वगंधा सतावरी और मिश्री को बराबर बराबर में अच्छी तरह मिलाकर रात में सोने से पहले एक चम्मच पाउडर को खा लीजिये और फिर दूध पी लियेजिये इसके ऊपर से. ऐसा लगभग एक महीने तक कीजिये बजन बढ़ने लगेगा.
  4. लम्बाई बढ़ने के लिए अश्वगंधा रामबाण है. एक गिलास दूध में एक चम्मच अश्वगंधा पाउडर मिलाइए और इसे पी जाइये. इस उपाय को 30-40 दिनों तक रोजाना कीजिये, लम्बाई बढ़ जाएगी.
  5. आँखों की रौशनी बढाने के लिए अश्वगंधा असरदार साबित होता है. अश्वगंधा, आवला तथा मुठेली को मिलाकर इस मिश्रण को रोजाना एक चम्मच लीजिये.
  6. शरीर में फोड़े – फुंसी होने पर अश्वगंधा की पत्तियों को पीसकर लगाने से तुरंत राहत मिलती है.
  7. टीवी के रोगियों को ठीक करने के लिए अश्वगंधा बहुत फायदेमंद सिध्द साबित होती है क्योंकि इसके सेवन से शरीर में आयरन की मात्रा बढती है.
  8. कैंसर पीड़ित रोगियों को अश्वगंधा का सेवन करना चाहिए क्योंकि यह कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है.

अश्वगंधा चूर्ण के नुकसान – Ashwangandha Side Effects in Hindi

  1. अश्वगंधा के अत्यधिक सेवन से शरीर में तरह- तरह के बदलाव देखने को मिलते है, यदि शारीर का तापमान बढ़ता है या बुखार आता है तो इसका सेवन बंद कर देना चाहिए और यदि कुछ ज्यादा परेशानी होती है तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए.
  2. बहुत ज्यादा समय तक अश्वगंधा खाने से दूसरी दवाइया असर नहीं करती. ऐसे में फिर यदि कोई बीमारी हो जाती है तो उसका इलाज जल्दी नहीं हो पाता.
  3. ज्यादा अश्वगंधा खाने से पे में समस्या होने लगती है जैसे कि पेट में गैस कि समस्या, उल्टी आना और दस्त लगना.
  4. नीद नहीं आने कि समस्या को अश्वगंधा दूर करता है लेकिन यदि इसका अधिक सेवन किया जाये तो या तो ज्यादा नीद आएगी या फिर नीद न आना जैसी समस्या खडी हो जाएगी.
  5. शुगर, ब्लड प्रेशर, गठियां सबंधित रोगियों को इसका ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए.

अश्वगंधा का सेवन कैसे करें – How to Use Ashwagandha in Hindi

अश्वगंधा का सेवन कैसे करें यह जानने के पहले अश्वगंधा का कितनी मात्रा में सेवन करना चाहिए, इसकी जानकारी होना बहुत अवशयक है। बाजार में अश्वगंधा विभिन्न रूपों में मिलता है जैसे पावडर या चूर्ण, कैप्सूल, ड्रिंक्स, चाय, और टिन्चर. अश्वगंधा चूर्ण को शहद, पानी या फिर घी में मिलाकर सेवन कर सकते हैं.यदि आप इसको कैप्सूल के रूप में लेना चाहते हैं तो प्रतिदिन विटामिन या नेचुरल सुप्लिमेंट की तरह खा सकते हैं.अश्वगंधा की खुराक प्रत्येक व्यक्ति की उम्र, सेहत, वजन,समस्या व अन्य कारणों पर निर्भर करती है। इसलिए,इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरुर ले.इसके अलावा, बाजार में मिलने वाले अश्वगंधा सप्लीमेंट्स के पैकेट पर सेवन करने के निर्देश लिखे रहते है उसका भी पालन करें.

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