डायबिटीज क्या है इसको जड़ से खत्म करने के उपाय

shugar ko kam karne ke desi upay

शुगर को डायबिटीज और मधुमेह रोग के नाम से भी जाना जाता है| एक रिपोर्ट के माध्यम से यह बात सामने आई है कि शुगर रोगियों कि संख्या दिन प्रति दिन बढती जा रही है| शुगर के दो प्रकार के होते है| आइये नीचे शुगर के टाइप के बारे में बिस्तार से जानते है| यदि खाने पीने का सही ढंग न हो, कुछ भी कभी भी खा लेना और गलत आदतों का शिकार होना शुगर रोग को बुलाने का काम करता है|

डाइबिटीज के टाइप 1 और टाइप 2 क्या है

टाइप 1 – डाइबिटीज टाइप 1 ज्यादातर छोटे बच्चों में या फिर 20 वर्ष से कम आयु में देखने को मिलता है| शुगर टाइप १ के कारण शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है|

टाइप 2 – डाइबिटीज टाइप 2 अधिकांस लोगो में देखने को मिलता है| शुगर टाइप 2 के कारण इंसुलिन बनता तो है लेकिन सही से काम नहीं करता या फिर यूँ कहे कि शरीर की जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता|

शुगर के कारण क्या है

ज्यादा जंक फ़ूड खाने वाले लोगो में शुगर होने कि सम्भावन बढ़ जाती है क्योंकि जंक फ़ूड में फट कि मात्रा अधिक होती है जिसके कारण शरीर में जरूर से अधिक कलोरी मिलती है और मोटापा बढ़ता शुरू हो जाता है| शरीर में जरूरत के अनुसार इंसुलिन का न बनने के कारण, सुगर लेवल बढ़ने लगता है|

  1. शुगर एक अनुवांशिक रोग भी है इसका मतलब यह है कि यदि परिवार में माँ-बाप के दोनों में से किसी एक को भी शुगर कि बीमारी है तो उनके बच्चों में भी मधुमेह होने की संभावाना बढ़ जाती है|
  2. यदि शरीर जरूरत से अधिक मोटा हो जाये तो शुगर होने कि सम्भावना बढ़ जाती है|
  3. शारीरिक श्रम न करने के कारण भी मधुमेह रोग होने के सम्भावना बढ़ जाती है| कुछ लोगो कि दिनचर्या इस प्रकार से हो जाती है कि उन्हें दिन भर एक जगह बैठ कर काम करना पड़ता है और वो व्यायाम के लिए भी समय नहीं निकाल पाते|
  4. अत्यधिक तनाव या डिप्रेसन में रहने से डाइबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है|
  5. शराब, धुम्रपान या को दूसरा नशीला पदार्थ लेने से शुगर हो सकता है|
  6. ज्यादा चाय, कोल्ड्रिंक और मीठा खाने से शुगर हो सकता है|

मधुमेह के लक्षण क्या है

मधुमेह होने के बहुत सारे लक्षण है जिनमे से कुछ प्रमुख लक्षण के बारे में बात करेंगे| यदि इन लक्षणों में से कोई भी दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से टेस्ट करवाएं|

  • बार बार पेसाब लगना|
  • बार बार भूख लगना|
  • शरीर में थकान होना|
  • चोट का घाव न भरना|
  • फोड़े फुंसी और खुजली होना|
  • बजन तेजी से कम होना|
  • किडनी ख़राब होना|

यदि किसी व्यक्ति को डाइबिटीज हो जाये तो उसे ठीक करने के लिए इंसुलिन बहुत जरूरी है| डाइबिटीज के लिए अंग्रेजी दवाइयों के स्थान पर आयुवेदिक उपचार करना चाहिए क्योंकि अंग्रेजी दवाई डाइबिटीज को कट्रोल रखती है इसे जड़ से ख़त्म नहीं कर पाती| आयुर्वेदि उपचार से डाइबिटीज को जड़ से ख़त्म किया जा सकता है यदि इसे सही तरीके से किया जाये तो|

डायबिटीज क्या है इसको जड़ से खत्म करने के उपाय
5 (100%) 1 vote

About Vijay Singraul

Hello Friends, I am Vijay Singraul and lives in New Delhi, India. Main ek Engineering Graduate hu and aur is Blog ka founder hu. Mujhe Internet, Blogging, SEO, Technology se related jaankari seekhne aur dusro ko sikhane me achcha lagta hai. Main is blog me useful content share karta hu, bus Aap log hume issi tarah support karte rahe.

View all posts by Vijay Singraul →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *