Electricity क्या है और इसका महत्व?

ऐसे कुछ ही लोग होंगे जो नहीं जानते होंगे कि इलेक्ट्रिसिटी क्या है (What is Electricity in Hindi). इलेक्ट्रिसिटी एक ऐसा साधन है जिसका दैनिक जीवन में निरंतर इस्तेमाल करते है. चाहे घर हो या ऑफिस हर जगह इलेक्ट्रिसिटी से चलने वाले यन्त्र लगे रहते हैं जैसे टेलीविज़न, कंप्यूटर, कूलर, पंखा, AC, बल्ब इत्यादि.अब आप सोच सकते है की इलेक्ट्रिसिटी का हमारी जिंदगी में क्या महत्व है.

अगर इलेक्ट्रिसिटी न होती तो डिजिटल दुनिया की कल्पना करना भी मुश्किल है, हम हो सुख-सुविधाएं का लुफ्त उठा रहे है यह सब इलेक्ट्रिसिटी की वजह से संभव है. इलेक्ट्रिसिटी क्या है इससे भी दिलचस्प प्रश्न उठता है कि इलेक्ट्रिसिटी आखिर उत्त्पत्ति कैसे होती है. तो चलिए आगे विस्तार से इलेक्ट्रिसिटी के बारे में जानते है.

इलेक्ट्रिसिटी क्या है – What is Electricity in Hindi

what is electricity in hindi
इलेक्ट्रिसिटी को कई नाम से पुकारा जाता है जैसे लाईट,विधुत,बिजली,करंट.इलेक्ट्रिसिटी ऊर्जा का ही एक रूप होता है,जिसमे इलेक्ट्रान का प्रवाह होता है. प्रकृति में उपस्थित किसी भी पदार्थ का छोटे से छोटा कण अणु (Molecule) कहलाता है और अणु (Molecule) का छोटे से छोटा कण परमाणु (Atom) कहलाता है. परमाणु के नाभिक में बराबर-बराबर मात्रा में प्रोटोन (Protons) और न्यूट्रॉन (Neutrons) उपस्थित होते है। प्रोटोन हमेशा घनात्मक आवेश (Positive Charge) के होते है. प्रोटोन और न्यूट्रॉन के चारों ओर चककर लगाने वाले कण को इलेक्ट्रॉन्स कहा जाता है. इलेक्ट्रॉन्स हमेशा ऋणात्मक आवेश (Negative Charge) के होते है।

एक परमाणु के अन्दर जितने इलेक्ट्रान की मात्रा होती है उतनी ही मात्रा में प्रोटोन उपस्थित रहते है. जब इलेक्ट्रान और प्रोटोन के बीच बाहरी बल द्वारा संतुलन कराया जाता है तो एक परमाणु एक इलेक्ट्रान प्राप्त कर सकता है या फिर खो जाता है. जब इलेक्ट्रान एक परमाणु से खो जाते है तो इन इलेक्ट्रानो की गति से करंट पैदा होने लगता है.

बिजली की मूल इकाई (Unit of electricity in Hindi) किलोवाट घंटा है जिसे kWh से ड़ेनोट किया जाता है. इसका मतलब यह है कि 1 घंटे में 1 kW (1000 वाट) इलेक्ट्रिक हीटर द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली ऊर्जा की मात्रा 1 kWh होता है.

बिजली का महत्व – Importance of Electricity in Hindi

बिजली पूरे प्रकृति में अलग-अलग रूप में पायी जाती है. ये तार (Wire) के माध्यम से सभी इलेक्ट्रॉनिक यंत्रों को चलाती है जैसे- टेलीविज़न, कंप्यूटर, कूलर, पंखा, AC, बल्ब इत्यादि.बिजली प्रकृति का ही दें है और इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है. बिजली को अलग-अलग स्रोतों से प्राप्त किया जाता है जैसे कोयला,तेल, प्राक्रतिक गैस,परमाणु ऊर्जा और दूसरे प्राक्रतिक स्रोत, जो बिजली बनाते है.

इलेक्ट्रिसिटी को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से ले जाया जाता है और इसे नियंत्रित भी किया जाता है. इलेक्ट्रिसिटी परमाणुओं में इलेक्ट्रान की गड़बड़ी के कारण उत्पन्न होती है. इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल मनुष्य अपने दैनिक जीवन में अनेको प्रकार से कर रहा है. इसी ऊर्जा से मनुष्य अपना चौमुखी विकास स कर रहा है. बिजली के बिना मनुष्य का जीवन काफी अधुरा हो जायेगा क्योंकि तरक्की के हर रास्ते पर बिजली की जरुरत पढ़ती है.

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बिजली कैसे पैदा की जाती है (How to Make Electricity in Hindi)

तो चलिए अब जानते हैं कि बिजली पैदा करने के कौन-कौन से स्त्रोत हैं-

टरबाइन

टरबाइन की मदद से बिजली का उत्पादन बड़े मात्रा में किया जाता है.जिन क्षेत्रो में बड़ी-बड़ी नदियाँ और तालाब होते है, वहाँ पर डैम बनाकर पानी को एकत्रित किया जाता है. उस पानी को फिर किसी ऊचें स्थान से टरबाइन के पैडल पर गिराया जाता है, पैडल पर पानी गिरने से पहिया या चक्का घूमने लगता है. इसी पहिये से जेनरेटर जुड़ा रहता है, जिससे वह अपना काम शुरू कर देता है और बिजली उत्पन्न होने लगती है. पानी के अलावा टरबाइन को हवा और गैस की मदद से भी चलाया जाता है.

न्यूक्लियर पावर – परमाणु ऊर्जा

इसमें न्यूक्लियर विखंडन की प्रक्रिया द्वारा पानी का भाप प्रोडक्शन किया जाता है. परमाणु ऊर्जा प्लांट में एक रिएक्टर परमाणु ईधन का एक छोर होता है, जिससे यूरेनियम की भरपूर मात्रा होती है. जब यूरेनियम ईधन के परमाणु और इलेक्ट्रान आपस में टकराते है तो उनका विभाजन होता है जिससे भारी मात्रा में गर्मी और अधिक नुट्रान उत्पन्न होते है. अनियंत्रित परिस्थितियों में ये नुट्रान और परमाणुओं का विभाजन करते जाते है, जिससे एक चैन प्रक्रिया बन जाती है. इससे निकलने वाली गर्मी का इस्तेमाल भाप बनाने में किया जाता है, जिससे टरबाइन चलता है और बिजली उत्पन्न होती है.

जियो थर्मल पावर -भूतापीय उर्जा

जियो थर्मल पावर एक ऐसा तरीका है जिसमे पृथ्वी के नीचे दवी ऊष्मा से ऊर्जा उत्पन्न होती है. पृथ्वी के कुछ हिस्से जहा पर पिघला हुआ पदार्थ निकलता जो पानी को भाप में बदल सकता है. इसी भाप से टरबाइन चलाया जाता है. सौर्य ऊर्जा का इस्तेमाल भी पानी को भाप बानाने के लिए किया जाता है.

विंड पावर – पवन ऊर्जा

जब बिजली पैदा करने के लिए हवा का इस्तेमाल किया जाता है तो उसे पवन ऊर्जा कहते हैं. इसमें तेज हवा के माध्यम से पंखा को घुमाया जाता है और इससे जेनरेटर जुड़ा रहता है जो बिजली उत्पन्न करता है. इस स्त्रोत का इस्तेमाल करना उन्ही क्षेत्रो में संभव है जहां पर सालो-साल तेज हवाएं चलती है. यह स्त्रोत काफी खर्चीला होता है लेकिन प्रदुषण रहित होता है.

बायोमास – जैव ऊर्जा

कूड़ा-कचरा और खेती से निकले हुए अपशिष्ट पदार्थ जैसे -धान का पैरा, मकई के गोले, गेहूं-चना का भूसा इत्यादि का इस्तेमाल बिजली बानाने के लिए किया जाता है. इस स्त्रोत में बॉयलर में पानी को भाप में बदला जाता है. भाप बनाने के लिए लडकी, कचरा को जलाया जाता है. इसी भाप से टरबाइन चलाकर बिजली उत्पन्न की जाती है.

इलेक्ट्रिसिटी के फायदे Advantages of Electric Power in Hindi

  1. विद्युत ऊर्जा को तार की मदद से एक स्थान से दूसरे स्थान आसानी से भेज सकते.
  2. घर हो या ऑफिस सभी जगह बिजली से चलने वाले यंत्र मिलेंगे, जो मानव जीवन को आरामदायक बनाती है.
  3. घर, सड़क और गलियों में उजाला करने के लिए इलेक्ट्रिसिटी बहुत फायदे मंद है.
  4. इलेक्ट्रिसिटी से फैक्ट्रिया और कंपनी चलती है. यदि एक घंटे के लिए बिजली चली बहुत नुकसान हो सकता है.
  5. इलेक्ट्रिसिटी से चलने वाले उपकरण जो दुनियाभर के संचार-साधनों का देखरेख करते है.

इलेक्ट्रिसिटी के नुकसान Disadvantages of Electric Power in Hindi

  1. बिजली का उत्पादन करने के लिए कोयला, परमाणु ऊर्जा जैसे स्रोतों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे वातावरण प्रदूषित होता है.
  2. बिजली उत्पादन के लिए गैर-निर्मित स्त्रोत जैसे कोयला और खनिज पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है, जो धीरे-धीरे खपत होते जा रहे हैं.
  3. बिजली बनाने के लिए बहुत सारा पानी की जरुरत पडती है.
  4. बिजली उत्पादन के लिए पानी को डेम (बाँध) में एकत्रित किया जाता है और ऐसे में यदि डेम फट जाए तो बहुत तबाही मचा सकता है.
  5. बांध बनाने के लिए बहुत समय और पैसा खर्च होता है.

मुझे उम्मीद है आपको यह पोस्ट इलेक्ट्रिसिटी क्या है (What is Electricity in Hindi) और कैसे उत्पन्न होती है जरुर पसंद आई होगी. यदि आपके मन में इस पोस्ट से जुड़े कोई सवाल या सुझाव है तो निचे कमेंट कर सकते है. इस पोस्ट को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों के साथ भी शेयर करें जिससे उन्हें इलेक्ट्रिसिटी केबारे में सही जानकारी मिलेगी.

About Vijay Singraul

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