कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है | Qutub Minar Ki Lambai Kitni Hai

क्या आप जानते है कि कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है (Qutub Minar Ki Lambai Kitni Hai). कुतुब मीनार भारत के राजधानी दिल्ली में स्थित है। कुतुब मीनार विश्व की सबसे ऊँची मीनार में से एक है।

कुतुब मीनार को देखने रोजाना हजारों की तादात में दुनियाभर से पर्यटक देखने के लिए आते हैं। आज के इस पोस्ट में हम कुतुब मीनार के बारे में विस्तार से जानेंगे कि कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है और इसे कब और किसने बनाया था।

कुतुब मीनार की ऊँचाई कितनी है – Qutub Minar Ki Unchai Kitni Hai

kutub minar ki unchai kitni hai

कुतुब मीनार की लंबाई 72.5 मीटर है वहीं अगर फ़ीट में कहें तो 237.86 फ़ीट ऊँचा है। क़ुतुब मीनार पर चढ़ने के लिए इसके अन्दर ही सीढियां लगी है इन सीढ़ियों की संख्या लगभग 379 है।

1981 से पहले आम जनता को स्मारक के अन्दर जाने और सीढ़ियों पर चढ़ने की अनुमति थी। लेकिन एक गंभीर दुर्घटना के बाद भगदड़ में 45 लोगों की मृत्यु हो गई। इसके बाद से इमारत के भीतरी हिस्से में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है।

कुतुब मीनार की इमारत में एक मजबूत लोहे का खंभा लगा है। हालाँकि कई बार भूकंप और तेज आंधी की वजह से कुतुब मीनार क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसलिए समय-समय पर केंद्र सरकार द्वारा इसकी मरम्मत भी की जाती है।

कुतुब मीनार का निर्माण कब और किसने करवाया?

कुतुब मीनार की स्थापना 1193 ई में कुतुबुद्दीन ऐबक ने की थी। इससे पहले भी एक जाम की मीनार अफगानिस्तान में स्थित था, इसी मीनार से प्रेरित होकर कुतुबुद्दीन ऐबक ने भारत में कुतुब मीनार बनवाने का फैसला लिया।

सन् 1210 में कुतुबद्दीन ऐबक की मृत्यु हो गयी और कुतुब मीनार का एक ही मंजिल बना था। इसके बाद उनके उत्तराधिकारी और पोते इल्तुतमिश ने इसे चौथी मंजिल तक बनवाया। इसके बाद सन् 1368 में बिलजी गिरने से कुतुब मीनार की चौथी मंजिल गिर गई। इसके बाद फिरोज शाह तुगलक ने दुबारा आगे की पाचवी मंजिल तक निर्माण करवाया।

कुतुब मीनार कहाँ स्थित है ?

कुतुब मीनार भारत की राजधानी दिल्ली के महरौली में स्थित है। पर्यटकों की सुविधा के लिए अब यहाँ पर मेट्रो स्टेशन भी बन गया है जिसका नाम कुतुब मीनार मेट्रो स्टेशन है। क़ुतुब मीनार जाने के लिए आप गूगल माप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

कुतुब मीनार नाम कैसे पड़ा ?

क़ुतुब मीनार के नाम पर इतिहासकारों के अलग-अलग मत हैं। कुछ इतिहासकारों का कहना है कि इसका नाम दिल्ली सल्तनत के राजा ’कुतुबद्दीन ऐबक’ के नाम पर रखा था। और कुतुब’ शब्द का मतलब होता है ‘न्याय का ध्रुव’।

जबकि कुछ इतिहासकारों के अनुसार मुगलकाल में बनी इस भव्य स्मारक का नाम मशहूर मुस्लिम सूफी संत ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी के नाम क़ुतुब मीनार का नाम रखा गया था।

कुतुब मीनार का इतिहास – History of Kutub Minar

क़ुतुब मीनार का नाम दिल्ली के दिल्ली सल्तनत के राजा ’कुतुबद्दीन ऐबक’ के नाम पर रखा था। क्योंकि उन्होंने ही 1193 ई में इसका निर्माण कार्य शुरू करवाया था। क़ुतुब मीनार को बनाने वाले कारीगर का नाम बख्तियार काकी था जो कि एक सूफी संत थे। कुतुबद्दीन ऐबक’ ने कुतुब मीनार की एक ही मंजिल बनवा पाए इसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।

उसके बाद उनके उत्तराधिकार और पोते इल्तुतमिश ने क़ुतुब मीनार का निर्माण कार्यभाल संभाला और तीसरी मंजिल तक बनवाया। उसके बाद सन 1968 में  में फीरोजशाह तुगलक ने चौथी और पाँचवी मंजिल बनवाई। कुतुब मीनार में कुल पाँच मंजिल है और इसको बनाने के लिए लाल बलुआ पत्थर का इस्तेमाल किया गया था।

आपको बता दें कि कुतुब मीनार के उत्तर दिशा में कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद है जिसकी स्थापना भी 1192 में हुई। सर्वप्रथम 1368 ई. में कुतुब मीनार पर बिजली गिरी थी जिस वजह से कुतुब मीनार उपरी तल गिर गया था। लेकिन फ़िरोज़ शाह ने इसकी मरम्मत करवाकर फिर से निर्माण करवाया था।

लेकिन यह सिलसिला यूँही नहीं थमा  इसके बाद 1 अगस्त 1903 को भी कुतुब मीनार पर बड़ा भूकंप झटका लगा और एक बार फिर से कुतुब मीनार क्षतिग्रस्त हो गई। उसके बाद साल 1928 में ब्रिटिश इंडियन आर्मी के मेजर रोबर्ट स्मिथ ने कुतुब मीनार की मरम्मत करवाई और इसके ऊपरी मंजिल में एक गुम्बद भी बनवा दिया था। लेकिन कुछ सालों बाद पाकिस्तान गवर्नल जनरल लार्ड हार्डिंग ने इस गुम्बद को हटवाकर कुतुब मीनार के पूर्व में स्थापित करवा दिया।

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कुतुब मीनार में कुल कितनी मंजिल है?

कुतुब मीनार में पाँच मंजिल है और हर एक मंजिल की अपनी अपनी विशेषता है-

क़ुतुब मीनार की पहली मंजिल की ऊंचाई

क़ुतुब मीनार की पहली मंजिल की ऊंचाई लगभग 94 फुट 11 इंच है. इस मंजिल को बनाने के लिए लाल बलुआ पत्थरो का इस्तमाल किया गया था। इस मंजिल पर 24 स्तंभ लगाये गए है जो देखने में गोलाकार है। वहीं इस मंजिल के ऊपरी तल पर गोल छज्जा बना है।

क़ुतुब मीनार की दूसरी मंजिल की ऊंचाई 

क़ुतुब मीनार की दूसरी मंजिल की ऊंचाई लगभग 50 फुट 8 इंच है। इस मंजिल को भी बनाने के लिए लाल बलुआ पत्थरो का इस्तमाल किया गया था। इस मंजिल पर 24 स्तंभ लगाकर कुछ अभिलेख लिखा गया है, जो की सुल्तान इल्तुतमिश के बारे में है। इससे साफ़ होता है कि दूसरी मंजिल का निर्माण सुल्तान इल्तुतमिश ने करवाया था।

क़ुतुब मीनार की तीसरी मंजिल की ऊंचाई 

क़ुतुब मीनार की तीसरी मंजिल की ऊंचाई लगभग 40 फुट 9 इंच है। लाल पत्तरों से बनी इस मंजिल में भी 24 स्तंभो का आधार दिया गया था।. इस मंजिल पर भी सुल्तान इल्तुतमिश के बारे में उल्लेखित है।

क़ुतुब मीनार की चौथी मंजिल की ऊंचाई

क़ुतुब मीनार की मीनार की चौथी मंजिल बाकी अन्य निचली से मंजिलो से अलग है। चौथी मंजिल  को बनाने में संगेमरमर का इस्तेमाल किया है और इसमें कोई भी स्तंभ नहीं लगाये गए हैं। चौथी मंजिल को बनवाने में फिरोज शाह का योगदान है।

क़ुतुब मीनार की पांचवी मंजिल की ऊंचाई 

क़ुतुब मीनार की पांचवी मंजिल की ऊंचाई लगभग 22 फुट 4 इंच है. सारे मंजिल की ऊंचाई बाकि मंजिल की तुलना में सबसे कम है।चौथी और पाँचवी मंजिल का निर्माण फिरोज शाह ने करवाया था।

FAQs – Qutub Minar Ki Lambai

कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है?

कुतुब मीनार की लंबाई 72.5 मीटर है।

कुतुब मीनार कहां स्थित है?

कुतुब मीनार मेहरौली, नई दिल्ली में स्थित है।

क़ुतुब मीनार का स्थापना कब हुआ था?

क़ुतुब मीनार का निर्माण कार्य सन 1199 में शुरू हुआ था जो सन 1368 तक पूरा हुआ।

क़ुतुब मीनार के अन्दर कितनी सीढियां है?

क़ुतुब मीनार के अन्दर कुल 379 सीढियां है।

कुतुब मीनार किसने बनवाया था?

कुतुब मीनार को कुतुबुद्दीन ऐबक, इल्तुतमिश तथा फीरोजशाह तुगलक ने बनवाया था।

निष्कर्ष

मुझे उमीद है आपको यह पोस्ट कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है( Qutub Minar Ki Lambai Kitni Hai) जरुर पसंद आई होगी। इस पोस्ट पर हमने क़ुतुब मीनार से जुड़े सभी तथ्यों के बारे में विस्तार से जाना है जैसे कुतुब मीनार कहां स्थित है, क़ुतुब मीनार का स्थापना कब हुआ था, क़ुतुब मीनार के अन्दर कितनी सीढियां है.यदि आपके मन में कुतुब मीनार पोस्ट से जुड़े कोई सवाल या सुझाव है तो नीचे जरुर कमेंट करें।

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