गिलोय के फायदे और नुकसान | Benefits of Giloy in Hindi

प्राचीन काल में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जाता था। आज भी कई ऐसी कई जड़ी बूटियां है जिनका इस्तेमाल करने से कई स्वास्थवर्धक लाभ मिलते हैं।

गिलोय भी एक ऐसी ही जड़ी बूटी है जिसके बारे में लोग कम जानते हैं लेकिन इसके औषधीय गुण कई स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। आज के इस पोस्ट में हम विस्तार से जानेंगे कि गिलोय क्या है, इसके फायदे और नुकसान क्या -क्या होते हैं।

गिलोय क्या है – What is Giloy in Hindi

giloy ke fayde

गिलोय एक पर्णपाती वृक्ष है। जिसके पत्तों का आकार पान के जैसे होता है और इसका तना हरे रंग का होता है। गिलोय के फल हरे रंग के होते हैं और पकने के बाद इनका रंग लाल हो जाता है। गिलोय का तना देखने में रस्सी के जैसा प्रतीत होता है। इसका तना जिस पेड़ लिपटता है, उस पेड़ के कुछ गुण अपने अन्दर ले लेता हैं। इसलिए इसीलिए नीम के पेड़ पर चढ़ी गिलोय को सबसे अच्छा माना जाता है।

गिलोय एक बहुवर्षीय लता होती है। और इसके ज्यादातर औषधीय गुण इसके तने में पाए जाते हैं। इसके अलावा इसकी पत्तियों, फल और जड़ का इस्तेमाल कई प्रकार की बिमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है।

गिलोय के फायदे – Giloy Ke Fayde

आयुर्वेद में गिलोय के स्वास्थवर्धक लाभ को देखते हुए सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है। इसके औषधीय गुणों में शरीर के सभी कार्यों में सुधार करने क्षमता होती है। तो चलिए जानते हैं कि गिलोय के फायदे क्या-क्या होते हैं।

1.) गिलोय के फायदे इम्यूनिटी बढ़ाने में

आजकल भागदौड़ भरी जिन्दगी में लोग गलत खान पान और अनियमित दिनचर्या का पालन करते है जिसकी वजह से इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। शरीर की इम्यूनिटी कमजोर होने से कई बीमारियाँ घेरने लगती हैं। आयुर्वेद में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए कई प्रकार की जड़ी-बूटियों के बारे में बताया गया है। लेकिन इन सबमे सबसे असरदार गिलोय को माना जाता है। इसलिए इम्युनिटी बढ़ाने के लिए गिलोय जूस का सेवन किया जा सकता है।

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2.) गिलोय के फायदे पाचन शक्ति बढ़ाने में

गिलोय के औषधीय गुण पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं। पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए गिलोय जूस का सेवन किया जा सकता हैं। गिलोय जूस पीने से आपका न सिर्फ आपका न सिफ पाचन तंत्र अच्छा रहता है बल्कि डायरिया और दस्त जैसे रोगों को ठीक करने में भी मदद मिलती हैं।

3.) गिलोय के फायदे आँखों के लिए

आँखे हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग होती हैं। इसलिए आँखों से जुड़ी कोई भी समस्यायों का जल्द से जल्द निवारण करना चाहिए।आंखों की रोशनी करने और चश्मा उतारने के लिए गिलोय का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए 10 ग्राम गिलोय का रस, 1 ग्राम शहद और 1 ग्राम सेंधा नमक मिलाकर पीस लीजिये। इस मिश्रण को आँखों में काजल की तरह लगाएं।

(और पढ़ेंआँखों की रोशनी बढ़ाने के घरेलू उपाय – Aankhon Ki Roshni Badhane Ke Gharelu Upay)

4.) गिलोय के फायदे गठिया रोग में

गठिया रोग की समस्या 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगो को होती है। जिसमे रोगी को जोड़ो में सूजन और दर्द होता है। गठिया रोग को आर्थराइटिस भी कहा जाता है। गिलोय में गठिया विरोधी गुण पाए जाते हैं जो कि गठिया और जोड़ों में दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं। इसके लिए 2-3 चम्मच (10-15ml) गिलोय जूस को एक कप पानी में डालकर सुबह खाली पेट पी सकते हैं।

5.) गिलोय के फायदे त्वचा के लिए

खूबसूरत और दमकती त्वचा हर किसी को अच्छी लगती है। लेकिन कई बार कुछ कारणों से चहरे पर दाने, झाइयाँ, मुँहासे, काले धब्बों जैसे समस्यायें हो जाती है। इन सभी त्वचा संबंधी रोगों से छुटकारा पाने के लिए प्रभावित जगह पर गिलोय का रस लगा सकते हैं। इसके अलावा गिलोय का रस चेहरे की झुर्रियों को कम करने में मदद करता हैं।

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6.) गिलोय के फायदे बवासीर में

बवासीर या पाइल्स एक दर्दनाक बीमारी होती हैं साथ ही रोगी बहुत सर्मिंदगी महसूस करता है। इसलिए बवासीर से रोगी को जितना जल्दी निवारण हो जाए उतना ही अच्छा होता है। गिलोय के औषधीय गुण खूनी बवासीर से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकते हैं। इसके लिए धनिया के पत्ते, गिलोय और हरड़ को एक साथ सामान्य मात्रा में पीसकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट का 20 ग्राम मात्रा लेकर आधा लीटर पानी में मिलाकर उबाले। उबलने के बाद गुड़ के साथ दिन में दो बार इसका सेवन करें।

7.) गिलोय के फायदे शुगर नियंत्रण में

अगर आप डायबिटीज के ऐसे मरीज है तो आपको गिलोय के सेवन से काफी लाभ मिल सकता है। गिलोय में हाइपोग्लाईकैमिक एजेंट उच्च मात्रा में पाया जाता है जो ब्लड में शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके लिए 2-3 चम्मच गिलोय जूस (10-15ml) को एक कप पानी में डालकर रोजाना सुबह खाली पेट इसका सेवन कर सकते हैं।

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8.) गिलोय के फायदे अस्थमा में

अस्थमा एक गंभीर समस्या है है जिसमे रोगी को छाती में जकड़न, सांस लेने में दिक्कत, खाँसी, घरघराहट जैसी समस्याएं होती है। अस्थमा और दमा से छुटकारा पाने के लिए गिलोय बहुत कारगर माना जाता है। इसके लिए गिलोय चूर्ण और मुलेठी चूर्ण को शहद के साथ दिन में दो बार सेवन कर सकते हैं।

9.) गिलोय के फायदे पीलिया रोग में

जब खून में बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ जाती है तो व्यक्ति को पीलिया रोग हो जाता है। पीलिया होने पर रोगी का शरीर नाखून और आँखे पीली दिखाई देने लगती हैं। अगर पीलिया के मरीजों को गिलोय के ताजे पत्तों का रस पिलाया जाए तो पीलिया रोग जल्दी ठीक होता है। इसके अलावा गिलोय के 10-20 पत्तों को पीसकर एक गिलास छाछ में मिलाये और छानकर पीने से पीलिया रोग दूर होता है।

10.) गिलोय के फायदे डेंगू से बचाव में

डेंगू एक वायरस है, जो एडीज मच्छर के काटने से लोगो को हो जाता है। गिलोय में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं जो मलेरिया और डेंगू जैसे वायरल इंफेक्शन से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। इसके लिए गिलोय के अर्क और शहद को एक साथ मिलाकर सेवन कर सकते हैं।

गिलोय के नुकसान – Side Effects of Giloy in Hindi

अगर आप ज्यादा मात्रा में गिलोय का इस्तेमाल करते हैं तो आपको इसके नुकसान भी उठाने पड़ सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि गिलोय के नुकसान क्या-क्या होते हैं।

  • अधिक मात्रा में गिलोय का सेवन करने से कब्ज की समस्या हो सकती है।
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए। या गिलोय का सेवन करने से पहले किसी डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरुर लेनी चाहिए।
  • गिलोय ब्लड प्रेशर को कम करती है इसलिए लो ब्लड प्रेशर के मरीजों को गिलोय से परहेज करना चाहिए।

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