अरण्डी का तेल के फायदे और नुकसान | Castor Oil in Hindi

About Castor Oil in Hindi – देश विदेश के हर रसोईघर में अलग-अलग प्रकार के तेल का इस्तेमाल किया जाता है. जिनमे से कुछ तेल ज्यादा लोकप्रिय होते है और कुछ तेल में औषधीय गुण होने के बाद भी कम प्रचलन में रहते हैं. ऐसा ही एक एक अरंडी का तेल होता है.अरंडी का तेल का इस्तेमाल इसके स्वास्थवर्धक लाभ को देखते हुए प्राचीन काल से चलता आ रहा है.

अरंडी के तेल का इस्तेमाल दुनियाभर में किया जाता है.अरंडी के तेल का इस्तेमाल त्वचा और बालों की समस्या के लिए एक प्राकृतिक उपचार के रूप में किया जाता है. आज के इस पोस्ट में हम आपको न सिर्फ अरंडी के तेल के औषधीय गुण बताएँगे बल्कि इसका इस्तेमाल करने से आपको कौन कौन स्वास्थ संबंधी फायदे होगे पूरी जानकारी विस्तार से मिलेगी.

विषय सूची

अरंडी का तेल क्या है – What is Castor Oil in Hindi

arandi ke tel ke fayde

अरंडी का तेल एक वनस्पति तेल है जिसे अरंडी के बीजों से निकाला जाता है.हालाँकि अरंडी के बीजों में एक विषैला एंजाइम होता है जिसे रिकिन कहते है. लेकिन तीव्र तापमान पर अरंडी का तेल निकालने के दौरान यह निष्क्रिय हो जाता है, जिससे तेल को सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है.

अरंडी का तेल का तेल गाढ़ा और हल्का पीला रंग का होता है. अरंडी का वैज्ञानिक नाम रिसिनस कम्युनिस (Ricinus Communis) है.अरंडी का तेल का इस्तेमाल अन्य तेल की तरह खाना बनाने में किया जाता है. इसके अलावा इसके औषधीय गुण को देखते हुए कई प्रकार की क्रीम, साबुन और दवाइयों में भी इस्तेमाल किया जाता है.

अरंडी के तेल के प्रकार – Types of Castor Oil in Hindi

अरंडी के तेल मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं.

1. ऑर्गेनिक कोल्ड-प्रेस्ड कैस्टर ऑयल -Organic Cold Pressed Castor Oil in Hindi

इस तेल को सीधा अरंडी के बीजों को दबाकर निकाला जाता है. इस प्रक्रिया में अरंडी के बीजों को गर्म नहीं किया जाता और न ही इसमें कुछ मिलावट की जाती है.बाजार में यह तेल परिष्कृत (Refined)और अपरिष्कृत (UnRefined) दोनों प्रकार से मिलता है. खरीदते समय ध्यान दें कि जो अपरिष्कृत (UnRefined) अरंडी का तेल है वो ज्यादा गाढ़ा और पीला दिखाई देता है.

2. जमैकन ब्लैक कैस्टर ऑयल – Jamaican Black Castor Oil in Hindi

इस प्रकार के तेल को बनाने के लिए सबसे पहले अरंडी के बीजों को भूना जाता है. उसके बाद बीजों को दबाकर तेल निकाला जाता है. अरंडी के बीजों को भूनने से जो राख निकलती है, उसे भी तेल में मिला दिया  जाता है, जिस वजह से तेल का रंग काला हो जाता है. तेल बनाने की यह प्रक्रिया जमैका देश में बहुत प्रचलित है इसलिए इसे जमैकन ब्लैक कैस्टर ऑयल कहा जाता है.

3. हाइड्रोजनेटेड कैस्टर ऑयल – Hydrogenated Castor Oil in Hindi

जब तेल में हाइड्रोजन को मिलाया जाता है तब हाइड्रोजनेटेड कैस्टर ऑयल बनता है.यह तेल अन्य प्रकार के अरंडी के तेल की तुलना में यह गंधहीन होता है और पानी में डालने पर नहीं घुलता है. इस प्रकार के तेल का इस्तेमाल ज्यादातर बॉडी लोशन, क्रीम,मोमबत्ती, ग्रीस बनाने में किया जाता है.

अरण्डी का तेल के फायदे – Arandi Ke Tel Ke Fayde

अरण्डी का आयल एक औषधीय तेल है जिसका इस्तेमाल व्यवसायिक संसाधनों के साथ साथ कई बिमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है. तो चलिए जानते हैं कि अरण्डी का तेल के फायदे (arandi ke tel ke fayde) कौन कौन से हैं.

1. अरण्डी आयल के गुण करें कब्ज का छुटकारा

कब्ज एक आम समस्या है जिसकी वजह से मरीज का पेट ठीक तरीके से साफ़ नहीं होता. कब्ज के कारण मरीज को मल त्यागते समय काफी दिक्कत होती है और मल त्यागने के लिए उसे काफी जोर लगाना पड़ता है. पेट में कब्ज होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे गलत खानपान, ठीक समय पर शौच न होना, व्यायाम न करना इत्यादि.कब्ज भले ही एक आम समस्या है लेकिन इसे नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता है. क्योंकि कब्ज के कारण पेट में अन्य बीमारियाँ होने का खतरा बढ़ जाता है.

कब्ज की समस्या से छुटकारा पाने के लिए अरण्डी का आयल लाभकारी माना जाता है.अरण्डी का आयल में फैटी अम्ल और लैक्सेटिव गुण पाए जाते हैं जो मल को बाहर निकालने में मदद करते हैं और कब्ज की समस्या दूर होती है. इसके लिए आप रोजाना अरण्डी का आयल से पेट की मसाज कर सकते है.

(और पढ़ें – सुबह उठते ही पेट साफ होने के उपाय – Pet Saaf Karne Ke Gharelu Upay)

2. अरण्डी का तेल के फायदे गठिया रोग के लिए

गठिया रोग जोड़ों का दर्द होता है.गठिया दर्द के कारण इतना असहनीय दर्द उठता है कि व्यक्ति कोई भी काम करने में कोई भी कामनहीं कर पाता है. गठिया का रोग के कारण शरीर की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं  जिससे पीड़ित को जोड़ों में दर्द, हाथ-पैर में सूजन,उठने-बैठने और चलने फिरने में बहुत तकलीफ होती है.गठिया सबसे ज्यादातर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगो में देखा जाता है. लेकिन आजकल इससे युवा पीढी भी परेशान है.

गठिया रोग के उपचार के लिए अरण्डी का तेल एक अच्छा विकल्प है. अरंडी के तेल में कुछ ऐसे तत्त्व मौजूद होते है जो जोड़ो के दर्द को कम करने में मदद करते हैं.इसके लिए आप रोजाना अरंडी के तेल से मालिश कर सकते हैं.

3. अरंडी का तेल के लाभ बवासीर के लिए

बवासीर एक दर्दनाक और शर्मनाक रोग होता है.बवासीर के करण रोगी के मलद्वार के अंदरूनी और बाहरी हिस्से में मस्से हो जाते है. इन मस्से के कारण रोगी को मल त्यागते समय असहनीय दर्द होता है और मल के साथ खून भी निकलता है.बवासीर उन बिमारियों में से नहीं है जो अपने आप ठीक हो जाए बल्कि धीरे-धीरे इसके हालात बद से बदत्तर होते जाते हैं. इसलिए जैसे ही बवासीर के लक्षण दिखे तुरंत इलाज करवाना चाहिए.

बवासीर की समस्या से छुटकारा पाने के लिए अरंडी का तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है.बवासीर होने का एक कारण कब्ज भी है और अरंडी के तेल में मौजूद लैक्सटिव कब्ज को खत्म करने में मदद करता है.परिणामस्वरुप बवासीर की समस्या भी कम होने लगती है.

(और पढ़ें –खूनी बवासीर का रामबाण इलाज – Bavasir Ka Desi Ilaaj)

4. कैस्टर ऑयल के फायदे झुर्रियों के लिए

उम्र के साथ चेहरा पर झुर्रियां पड़ना आम बात है. लेकिन आजकल की युवा पीढी भी झुर्रियों की समस्या से जूझ रही है.  चेहरे पर झुर्रियां पड़ने के कई कारण हो सकते हैं जैसे अनियमित दिनचर्या, गलत खान-पान,चिंत ,तनाव इत्यादि. इसके अलावा चेहरे पर बदल-बदलकर क्रीम लगाने और ज्यादा मेकप करने से झुर्रियां पड़ने लगती है.

कैस्टर ऑयल चेहरे की झुर्रियों के लिए असरदार साबित हो सकता है.कैस्टर ऑयल में फैटी एसिड की प्रचुर मात्रा पाई जाती है जो त्वचा की गहराई में जाकर कोलेजन और त्वचा में पाया जाने वाला प्रोटीन तत्त्व के निर्माण में मदद करता है. जिससे झुर्रियों की समस्या कम होने लगती है.

5. एरंड तेल के फायदे आँखों के काले घेरे दूर करने में

भागदौड़ भरी ज़िंदगी में आँखों की सही तरीके से देखभाल न करने से आँखों के नीचे काले घेरे पड़ जाते हैं. जिन्हें डार्क सर्कल भी कहा जाता है. आँखों केडार्क सर्कल होने के कुछ प्रमुख कारण हो सकते हैं जैसे ज्यादा मोबाइल या कंप्यूटर चलाना, देर रात तक जागना, अत्यधिक तनाव में रहना इत्यादि.

आँखों के डार्क सर्कल को हटाने के लिए एरंड तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए एक चम्मच नारियल तेल में एक बूंद अरंडी का तेल मिला लें. अब रात में इसे सोने से पहले आंखों के नीचे लगाकर सो जाए. अगली सुबह साफ़ पानी से आखों को धो लें.एक सप्ताह एक अन्दर आपके आँखों के काले घेरे दूर होने लगेगे.

6. अरंडी का तेल हैं घाव भरने में प्रभावशाली

आजकल भागदौड भरी ज़िंदगी में हर कोई अपने काम में इतना व्यस्त है कि न उसे अपने लिए समय है न परिवार के लिए.कभी-कभी ऐसा होता है कि हम कोई कम करते हैं या इधर-उधर जाते वक्त हमें चोट लग जाती है.छोटी-मोटी चोटों पर जल्दी कोई ध्यान नहीं देता है. लेकिन कभी-कभे ये चोटे भी बड़ा रुप ले लेती है इसलिए इन्हें नजर अंदाज़ नहीं करना चाहिए.

अरंडी के तेल को खरोंच या घाव पर एंटी सेप्टिक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.अरंडी के तेल में रोगाणु रोधक गुण पाए जाते है. जो घाव पर अरंडी का तेल लगाने से घाव जल्दी भर जाते हैं.

7. अरण्डी का तेल के फायदे सर्दी-जुकाम के लिए

सर्दी-जुकाम एक आम समस्या है जो बदलते मौसम के अनुसार व्यक्ति को हो जाती है. यदि किसी को एक बार सर्दी-जुकाम ने जकड़ लिया तो यह आसानी से नहीं जाता बल्कि कई दिनों व्यक्ति को परेशान करता है.सर्दी-जुकाम होने से कई सारी शारीरिक समस्यायें होने लगती है जैसे नाक बहना, सिरदर्द, गले में खराश, बदन दर्द, बुखार इत्यादि.

सर्दी-जुकाम को दूर करने के लिए अरंडी का तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है.इसके लिए आपको अरंडी के तेल को हल्का गर्म करके नाक और छाती पर लगाना है. आपकी बंद नाक एकदम खुल जाएगी और सर्दी-जुकाम में आराम मिलेगा.

(और पढ़ें –सर्दी जुकाम के घरेलू उपाय – Sardi Jukam Ki Dawai)

8. अरण्डी का तेल के फायदे बालों के लिए

हर किसी की ख्वाहिश होती है कि उसके बाल काले और घने दिखें. इसके लिए लोग कई प्रकार के तेल इस्तेमाल करते हैं. कोई बादाम का तेल लगाता है, तो कोई नारियल या कोई अन्य तेल. लेकिन हम आपको बता दें कि अरण्डी का तेल के बालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है. इसमें कई पोषक सारे पोषक तत्व मौजूद हैं. जो आपके बाल काले और जड़े मजबूत बनाने में मदद करते है.

बालों को काला और जड़ें मजबूत बनाने के लिए आप अरण्डी का आयल इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए अरंडी का तेल और नारियल का तेल मिलाकर बालों की मालिश करें. ऐसा हफ्ते में कम से कम दो- तीन बार दोहराएँ, आपके बालों की ग्रोथ देखने को मिलेगी.

(और पढ़ें – बाल उगाने का तरीका – Jhadte Balon Ka Ilaj)

9. अरण्डी का तेल के फायदे दाद के लिए

दाद एक फंगस होता है जो त्वचा की ऊपरी परत पर होता है.  यह देखने में गोल आकर और लाल रंग का होता है. दाद होने पर बहुत खुजली होती है, जब तक त्वचा जलने न लगे तब तक खुजलाहट शांत नहीं होती.यदि दाद के संक्रमित व्यक्ति की चीजें या कपड़े उपयोग किया जाए तो दूसरों को भी हो सकता है. इसलिए दाद से ग्रसित लोग काफी परेशान रहते हैं.

दाद की समस्या से छुटकारा पाने के लिए अरण्डी के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए 1 चम्मच अरण्डी का तेल और 2 चम्मच नारियल का तेल दाद पर लगायें.

10. अरण्डी का तेल के फायदे खूबसूरत त्वचा के लिए

सभी लोगो की त्वचा अलग अलग होती है जैसे रूखी त्वचा, तैलीय त्वचा, सामान्य त्वचा. रूखी त्वचा और तैलीय त्वचा वाले लोग सामान्य त्वचा बनाने के लिए कई प्रकार की क्रीम और दवाइयों का सेवन करते है. लेकिन जब तक इनका असर रहता है तब तक त्वचा सामान्य रहती है उसके बाद दोबारा पहले जैसे हो जाती है.

खूबसूरत त्वचा पाने के लिए अरंडी का तेल बहुत लाभकारी होता है. इसके लिए अरंडी का तेल और नारियल का तेल मिलाकर त्वचा की मसाज कर सकते हैं.

(और पढ़ें – चेहरा साफ करने के उपाय – Gora Hone Ke Gharelu Nuskhe)

अरंडी के तेल का उपयोग – Uses of Castor Oil in Hindi

अरंडी का तेल सेहत, बालों और त्वचा बहुत लाभकारी होता है.लेकिन इसके फायदे तभी मिलेंगे जब हम सही तरीके से अरंडी के तेल का उपयोग करेंगे. तो चलिए जानते हैं कि अरंडी के तेल का उपयोग कैसे कर सकते हैं.

  1. पेट में दर्द या गैस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए अरण्डी आयल को गुनगुना कर पेट की मालिश करें.
  2. त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए, रात में सोने से पहले अरंडी के तेल को त्वचा पर लगाएं और अगली सुबह साफ़ पानी से धुल लें.
  3. आँखों के नीचे काले घेरे दूर करने के लिए एक चम्मच नारियल तेल में एक बूंद अरंडी का तेल मिलाकर, रात में सोने से पहले आंखों के नीचे लगाएं और अगली सुबह साफ़ पानी से धुल लें.
  4. बालों के लिए , नारियल के तेल में एक चम्मच अरंडी का तेल मिलाकर, रात में सोने से पहले बालों पर लगाये और और अगली सुबह और अगली सुबह धुल लें.

अरंडी के तेल के नुकसान – Side Effects of Castor Oil in Hindi

अरंडी के तेल के फायदे के साथ नुकसान भी है. तो चलिए जानते हैं कि अरंडी के तेल का ज्यादा इस्तेमाल करने से कौन कौन से नुकसान हो सकते हैं.

  1. अधिक मात्रा में अरंडी का तेल इस्तेमाल करने से एलर्जी की समस्या हो सकते है.
  2. अरंडी के तेल में लैक्सटिव गुण पाया जाता है, जो कब्ज से निजात दिलाने में मदद करता है. लेकिन यदि इसका ज्यादा मात्रा में सेवन किया जाए तो दस्त लग सकते हैं.
  3. गर्भवती महिलाओं को अरंडी का तेल इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इससे गर्भपात होने का खतरा बढ़ सकता है.
  4. बच्चों के मुंह और गुप्त अंगो में अरंडी का तेल नहीं लगाना चाहिए. इससे उनकी कोमल त्वचा को नुकसान पहुच सकता है.
  5. ऐसे व्यक्ति जो प्रकार की दवाई का सेवन कर रहे हैं, उन्हें अरण्डी आयल इस्तेमाल करने से पहले किसी डॉक्टर की सलाह जरुर लेनी चाहिए.

FAQs – Castor Oil in Hindi

अरंडी के तेल की तासीर कैसी होती है?

अरंडी के तेल की तासीर गर्म होती है.इसलिए ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से कब्ज की समस्या हो सकती है.

अरंडी का तेल चेहरे पर लगाने से क्या फायदा होता है?

अरंडी का तेल चेहरे पर लगाने से कई फायदे होते हैं जैसे रूखी त्वचा मुलायम, मुहासों से छुटकारा और त्वचा में निखारपान आता है.

कैस्टर ऑयल बाल में लगाने से क्या होता है?

कैस्टर ऑयल बालों में लगाने से कई फायदे मिलते हैं जैसे रूसी से छुटकारा, बाल झड़ना बंद, दोमुंहे बालों से बचाव, बाल घने और लम्बे होते हैं.

क्या अरंडी का तेल पी सकते हैं?

हां, 2 चम्मंच अरंडी का तेल गुनगुने दूध में मिलाकर, रात में सोने से पहले पीने से कब्जा की समस्या दूर होती है.

कैस्टर ऑयल की कीमत कितनी है?

100ml कैस्टर ऑयल की कीमत लगभग 80 -100 रूपए होती है.

निष्कर्ष

मुझे उम्मीद है आपको यह पोस्ट अरण्डी का तेल के फायदे (Benifits of Castor Oil in Hindi) जरुर पसंद आया होगा. अब आप जान गए है कि अरंडी का तेल का इस्तेमाल करने से हमें कौन-कौन से स्वस्थवर्धक लाभ होते है और अपने दैनिक जीवन में इसका उपयोग कैसे कर सकते हैं .लेकिन यदि आपके मन में अरण्डी का आयल से जुड़े कोई सवाल या सुझाव हैं तो नीचे कमेंट कर सकते हैं.

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